eRUPI क्या है?what is erupi in hindi?पूरी जानकारी हिंदी में

erupi kya hai : अभी हाल ही में भारतके प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक नयी डिजीटल पेमेंट सिस्टम को लाँच किया। इसके लांच के बाद से ही लोगों में डिजीटल पेमेंट की दुनिया में आए इस नए पेमेंट सिस्टम के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर eRUPI kya hai ? और ईरूपी के क्या फायदे व लाभ है ?लोग यह भी जानना चाहते हैं कि eRUPI काम कैसे करता है ? या erupi व upi में अंतर क्या है ? लोगों के मन में यह सवाल जरूर होगा कि upi जैसे successful डिजीटल पेमेंट सिस्टम होने के बावजूद इस नए डिजीटल पेमेंट सिस्टम erupi को लॉंच करने का क्या उद्देश्य है? upi पेमेंट सिस्टम के होते हुए erupi को भारत सरकार द्वारा लाया गया है, आखिर इस erupi और upi में क्या अंतर है ? कुछ समय पहले चर्चा हो रही थी कि भारत सरकार अपनी डिजीटल करेंसी लाने वाली है तो यह क्या erupi डिजीटल करेंसी है या नहीं ,इसकी जानकारी इस लेख में नीचे दिया गया है।

eRUPI kya hai

erupi क्या है ? what is erupi ?

erupi RBI द्वारा स्वीकृत एक prepaid e -voucher है जो भारत के सबसे सफल डिजीटल पेमेंट प्लेटफॉर्म BHIM upi पर आधारित है। इसे NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया ) ने वित्तीय सेवा विभाग , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और बैंकों के सहयोग से विकसित किया है।

erupi एक कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस specific पेमेंट सिस्टम है। erupi विशिष्ट सेवा के भुगतान के लिए लाभार्थी को जारी किया जाने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक वाउचर है। erupi को upi का एक advanced version भी कहा जा सकता है। यह वितरण प्रणाली का एक सरलीकरण रूप है।

erupi का full form ,electronic rupee unified payment interface है जिसका तात्पर्य है कि यह लाभार्थी और सेवा प्रदाता केंद्र के बीच इलेक्ट्रॉनिक वाउचर के रूप में डिजीटल पेमेंट का एक यूनिक इंटरफेस प्रदान करता है।

erupi एक QR code या sms स्ट्रिंग आधारित e -voucher है जिसे लाभार्थी के मोबाइल पर भेजा जाता है। इस कोड के माध्यम से सेवा प्रदाता केंद्र के अकॉउंट में डायरेक्ट फण्ड ट्रांसफर किया जाता है।

सरकारी संस्थाएँ ,कॉर्पोरेट या कोई भी सेवा प्रायोजक अपने पार्टनर बैंक की मदद से erupi वाउचर generate कर सकता है। यह e -voucher कैशलेस और कांटैक्टलेस है। इसका उपयोग सिर्फ एक बार किया जा सकता है। e -voucher को विशेषतः जिस व्यक्ति के लिए बनाया गया है वही उसका उपयोग कर सकता है ,वह किसी और को ट्रांसफर नहीं कर सकता है।

erupi को अभी कुछ ही बैंक सपोर्ट कर रहें हैं जिसमें state bank of india ,hdfc bank ,icici bank ,bank of baroda ,punjab national bank आदि है। erupi सेवाओं की एक टार्गेटेड और लीकप्रूफ डिलीवरी को सुनिश्चित करता है।

eRUPI काम कैसे करता है? how does it work?

हमने ऊपर में जाना की eRUPI kya hai ?अब आपके मन में सवाल होगा की आखिर यह erupi काम कैसे करता है। तो चलिए जानते है ईरुपी कैसे काम करता है।

ईरुपी एक प्रीपेड वाउचर है जिसे क्यूआर कोड या एसएमएस स्ट्रिंग के द्वारा लाभार्थी को भेजा जाएगा।

इसके अंतर्गत सरकारी संस्थाएं कारपोरेट सेक्टर या कोई भी सेवा प्रयोजक यदि किसी व्यक्ति को किसी विशेष उद्देश्य के लिए राशि देना चाहता है तो वह सबसे पहले उस लाभार्थी के मोबाइल नंबर व नाम से अपने पार्टनर बैंक को  erupi वाउचर जनरेट करने के लिए request भेजेगा।

बैंक के द्वारा इस request को NPCI को भेजा जाएगा उसके बाद NPCI के द्वारा तीन QR code generate किया जाएगा ,इसमे से एक QR code लाभार्थी को भेजा जाएगा यदि लाभार्थी के पास स्मार्टफोन नहीं है और वह कीपैड मोबाइल यूज करता है तो उसके पास राशि sms स्ट्रिंग के रूप में भेजा जाएगा।  एक QR code सेवा प्रदान करने वाले दुकानदार के पास भेजा जाएगा जिससे वह उस QR कोड को रिडीम करेगा। इसके अलावा NPCI किसी भी विवाद की स्थिति में सबूत के तौर पर एक QR code अपने पास रखेगा ।

अगर कोई लाभार्थी सामान खरीदने के लिए इस ई वाउचर से संबंधित सेवा प्रदाता केंद्र या दुकान पर जाता है और इस वाउचर से पेमेंट करना चाहता है तो सेवा प्रदाता केंद्र को अपने मोबाइल पर आए QR-code या sms string को दिखाना होगा , जिसे सेवा प्रदाता केंद्र या दुकानदार अपने मोबाइल से QR-code को स्कैन करेगा। स्कैन करने के बाद लाभार्थी के वेरिफिकेशन के लिए लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर एक वेरिफिकेशन कोड भेजा जाएगा। दुकानदार द्वारा वेरिफिकेशन कोड को वेरीफाई करने के बाद राशि दुकानदार के खाते में डायरेक्ट चला जाएगा।

क्योंकि ईरूपी एक प्रीपेड वाउचर है मतलब ई वाउचर या कूपन के रूप में पहले से paid राशि। अतः दुकानदार के खाते में राशि तुरंत चला जाएगा। इस तरह यह ईरूपी काम करेगा।

eRUPI में QR code की validity कब तक होती है

यह वाउचर लाभार्थी को एक निश्चित समय के लिए दिया जाएगा। यदि उस निश्चित समय के अंतराल में इसका उपयोग नहीं किया गया तो यह राशि एनपीसीआई द्वारा ई वाउचर जनरेट करने वाले संस्थान या व्यक्ति के पास वापस भेज दिया जाएगा।

erupi के फायदे क्या है?Benefits of erupi

यूपीआई डिजिटल पेमेंट सिस्टम एप्स के द्वारा पेमेंट करने के लिए व्यक्ति का थोड़ा पढ़ा लिखा होना या स्मार्टफोन को थोड़े अच्छे से चलाने आना चाहिए। ईरूपी का सबसे फायदेमंद बात यही है कि इसमें किसी एप्लीकेशन की जरूरत नहीं पड़ती और यह भी जरूरी नहीं हैं कि किसी के पास स्मार्टफोन हो तभी वह इसे उपयोग कर पाएगा क्योंकि eRUPI में पैसा QR code या sms स्ट्रिंग के रूप में लाभार्थी को दिया जाएगा। जो कि एक ईवाउचर होगा और इसका उपयोग सामान्य कीपैड मोबाइल से भी किया जा सकता हैं।

eRUPI की एक अच्छी बात यह हैं कि इसे उपयोग करने के लिए  ज्यादा skills की जरूरत नही होती हैं ,मतलब ईरूपी के द्वारा कम पढ़ा लिखा या मोबाइल की सामान्य जानकारी रखने वाला आम जनता भी योजनाओं का लाभ ले सकता हैं। इसमे लाभार्थी को इंटरनेट की आवश्यकता भी नहीं होगी।

ईरूपी विशिष्ट सेवा के भुगतान के लिए किसी विशेष व्यक्ति को जारी किया जाता है अर्थात किसी व्यक्ति को जिस उद्देश्य के लिए पैसे दिए जा रहे हैं वह व्यक्ति उसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उस पैसे का उपयोग कर सकता हैं किसी अन्य के लिए नही।

ईरूपी यह सुनिश्चित करता है कि राशि का उपयोग उस व्यक्ति द्वारा उसी कार्य के लिए किया जाए जिसके लिए उसे प्राप्त हुआ है।

 उदाहरण के लिए किसी ब्रिलियंट स्टूडेंट को सरकार द्वारा या किसी संस्था द्वारा study material खरीदने के लिए ईवाउचर दिया गया है तो वह study material ही खरीद सकता है कोई और अन्य दूसरी चीजें नहीं खरीद सकता है। क्योंकि npci QR code generate करता है तो एक QR code स्टूडेंट को और दूसरा स्कैनिंग QR code संबंधित study material वाले दुकानदारों के पास भेज देता है। जिससे स्टूडेंट का QR code सिर्फ study material वाले दुकानदारों के पास ही मैच करेगा किसी अन्य जगह नहीं। इसलिए इसे specefic पेमेंट सिस्टम कहा गया है।

ईरूपी का उपयोग सरकारी योजनाओं का लाभ जन सामान्य तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। ईरूपी का उपयोग सरकार द्वारा लोक कल्याण हेतु चलाए जा रहे मातृ एवं बाल कल्याण योजना,आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे विभिन्न योजनाओं, जिसके तहत निश्चित उद्देश्य की पूर्ति के लिए भुगतान या अनुदान देने के लिए किया जाएगा। ईरूपी के द्वारा इसे सुगमता पूर्वक लागू किया जा सकता है।

 इसका उपयोग निजी संगठनों या किसी व्यक्ति द्वारा लोगों को किसी विशेष प्रायोजन के तहत लाभ देने के लिए भी किया जा सकता है।

इस व्यवस्था के अंतर्गत ई-वाउचर को NPCI एक निश्चित समय के लिए जनरेट करता है। यदि एक निश्चित समय के अंतर्गत लाभार्थी द्वारा ई-वाउचर का लाभ नहीं उठाया जाता है तो जो राशि ई-वाउचर के रूप में लाभार्थी को दिया गया है, उस राशि को जिसने ई-वाउचर generate करवाया है उसे वापस भेज दिया जाता है। इससे उसके राशि का नुकसान नहीं होता है।

ईरुपी एक टारगेटेड और लीकेज प्रूफ डिजिटल पेमेंट सिस्टम है अतः इसमें किसी भी तरह के राशि के नुकसान होने की संभावना नहीं होगी।

ईरुपी एक प्रीपेड ई-वाउचर है, साथ ही कैशलेस और कांटेक्टलेस भी है। अतः इसमें लेन-देन के समय किसी भी थर्ड पार्टी के किसी भी प्रकार से दखल की संभावना नहीं होगी। यह एक DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांजैक्शन) के रूप में कार्य करेगा अर्थात लाभार्थी को 100 % राशि मिलेगा। कोई बिचौलिया इस राशि के 1 % भी हिस्से को नहीं हड़प सकता।

ईरूपी एक prepaid e-voucher है मतलब पहले से paid हुई राशि। अतः इससे तुरंत पेमेंट होगा, पेमेंट में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होगी।

ईरूपी कैशलेस और कांटेक्टलेस है, इसका लाभ यह होगा कि इसमें लाभार्थी का नाम, पता, कांटेक्ट नंबर की आवश्यकता नहीं होगी। इसलिए यह बहुत ही गोपनीय और सुरक्षित होगा।

ईरूपी के द्वारा सेवा प्रदान तंत्र में न्यूनतम प्रशासनिक लागत आता है, इससे सरकार के पैसे की बचत होगी।

देश में अभी 39-40% डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। ईरूपी के आने से डिजिटल ट्रांजैक्शन में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे डिजिटल इंडिया प्रोग्राम को और मजबूती मिलेगी।

erupi को किसने बनाया है ?

eRUPI को भारत सरकार द्वारा लांच किया गया है और भारत सरकार के डिजिटल पेमेंट से संबंधित व्यवस्था को NPCI डेवलप करती है। eRUPI को यूपीआई के आधार पर NPCI ने वित्तीय सेवा विभाग और बैंकों के सहयोग से विकसित किया है। eRUPI आर.बी.आई. स्वीकृत एक प्रीपेड वाउचर है जिसे एक विशिष्ट सेवा के भुगतान के लिए बनाया गया है। अगर Erupi launch date की बात करे तो यह 2 Aug को launch हुआ है।

what is erupi? या erupi upi se kaise alag hai?

  • erupi डिजीटल पेमेंट की एक specific service है जिसमें सेवा का लाभ e -vocher के रूप में दिया जाता है। जबकि upi एक डिजीटल पेमेंट का एक प्लेटफार्म है जिसके द्वारा पैसों का लेन – देन किया जाता है।
  • erupi एक कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट सिस्टम है। upi कैशलेस डिजीटल पेमेंट माध्यम तो है लेकिन कॉन्टैक्टलेस नहीं। upi पेमेंट सिस्टम में पेमेंट के लिए कॉन्टैक्ट की जरुरत पड़ती है।
  • erupi में लाभार्थी को सेवा का लाभ लेने के लिए किसी भी कार्ड या ऐप की जरुरत नहीं पड़ती है। जबकि upi में लाभार्थी को सेवा का लाभ लेने के लिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड और डिजीटल पेमेंट ऐप जैसे googlepay ,phonepay ,paytm आदि ऐप की जरुरत पड़ती है।
  • erupi में qr code या sms स्ट्रिंग को सीधे स्कैन किया जाता है। इसमें लाभार्थी के नाम और कॉन्टैक्ट की जरुरत नहीं पड़ती है। इसलिए यह पूरी तरह से गोपनीय है। जबकि upi में पेमेंट करने के लिए लाभार्थी के नाम व कॉन्टैक्ट नंबर की आवश्यकता पड़ती है। अगर upi पेमेंट माध्यम में upi code के द्वारा या qr code को स्कैन करके पेमेंट किया जाता है तो भी recieve करने वाले के पास sender का नाम व कॉन्टैक्ट नंबर चला जाता है। अतः erupi ,upi से ज्यादा गोपनीय है।
  • erupi पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है क्योंकि इसमें लाभार्थी के किसी भी निजी डाटा का उपयोग नहीं होता है। जबकि upi पेमेंट सिस्टम के माध्यम से पेमेंट करने पर सामने वाले के पास हमारा कुछ निजी जानकारी जैसे नाम ,मोबाइल नंबर चला जाता है। इसलिए erupi upi पेमेंट सिस्टम से ज्यादा सुरक्षित है।
  • erupi को उपयोग करने के लिए जरुरी नहीं की आपके पास स्मार्टफोन ही हो ,इसे keypad फ़ोन द्वारा भी उपयोग किया जा सकता है। जबकि upi पेमेंट सिस्टम में स्मार्टफोन की जरुरत होती है। यह keypad मोबाइल में work नहीं करता है।
  • erupi के द्वारा qr code या sms स्ट्रिंग को स्कैन करके सीधे पैसों का ट्रांसफर होता है। इसलिए यह बहुत तेज है। जबकि upi में ज्यादातर मोबाइल नम्बर के जरिये पेमेंट किया जाता है इसलिए इसमें थोड़ा समय लगता है। erupi सेवाओं कि टार्गेटेड और लीकेजप्रूफ डिलीवरी को सुनिश्चित करता है। upi पेमेंट सिस्टम specific टारगेट को पैसे ट्रांसफर करने की व्यवस्था नहीं है।
  • erupi एक ऐसी डिजीटल पेमेंट व्यवस्था है जिसमे end -to -end मनी ट्रांसफर किया जाता है। जबकि upi पेमेंट सिस्टम में peer -to -peer मनी ट्रांसफर किया जाता है।
  • erupi के जरिये बिना किसी मध्यस्थ के पेमेंट हो सकेगा। जबकि upi पेमेंट सिस्टम में पेमेंट के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है।

eRUPI app download kaise kare ?

अगर आप भी सोच रहे हैं कि eRupee app डाउनलोड कैसे करें तो मैं आपकी समस्या दूर कर देता हूँ। दरअसल eRUPI एक कैशलेस और कांटेक्टलेस डिजिटल पेमेंट सर्विस है जिसमें लाभार्थी के मोबाइल पर क्यूआर कोड या sms स्ट्रिंग के रूप में राशि आती है । इसलिए लाभार्थी को किसी भी प्रकार के ऐप की जरूरत नहीं पड़ती और ना ही इंटरनेट की आवश्यकता पड़ती है।

 भारत सरकार ने अभी सिर्फ eRUPI डिजिटल पेमेंट सर्विस योजना को लांच किया है। और किसी भी प्रकार का eRUPI ऐप लांच नहीं किया है।

लाभार्थी को eRUPI का लाभ लेने के लिए किसी भी app की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन ई-वाउचर जनरेट कराने वाले संस्था को ई-वाउचर जेनेरेट कराने के लिए और सेवा प्रदाता केंद्रों या दुकानदारों को QR code को स्कैन करने के लिए app की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए NPCI भविष्य में ईरूपी को upi पेमेंट app के साथ जोड़ सकती है या फिर अलग से eRUPI का कोई app लांच कर सकती है।

 eRUPI kya digital currency hai?

कुछ समय पहले चर्चा हो रही थी कि भारत सरकार अपनी डिजिटल करेंसी लाने वाली है तो क्या ईरुपी बिटकॉइन जैसी कोई डिजिटल करेंसी है ?बिल्कुल नहीं। erupi  यूपीआई पर आधारित एक डिजिटल पेमेंट सर्विस है जिसे DBT के रूप में लाभार्थियों को विशेष लाभ पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा बनाया गया है। erupi यूपीआई से थोड़ा अलग पेमेंट सिस्टम है erupi को डिजिटल करेंसी नहीं कहा जा सकता  लेकिन भविष्य में भारत सरकार इसे डिजिटल करेंसी के रूप में बदल सकती है या इस पर आधारित अपनी डिजिटल करेंसी ला सकती है। गौर करने वाली बात यह भी है ईरूपी RBI द्वारा स्वीकृत है और भारत में कोई भी नोट RBI के स्वीकृति के बाद ही भारत सरकार लागू करती है या प्रचलन में लाती है। इसलिए erupi को डिजिटल करेंसी के एक पड़ाव के रूप में देखा जा सकता है।

चीन में अलीबाबा अलीपे का जो डिजिटल करेंसी है उसकी शुरुआत भी ई वाउचर प्रोग्राम से हुई। बाद में जब यह ई वाउचर सिस्टम लोगों के comfirt लेवल में आ गया या लोगों के बीच famailiar हो गया तो लोग समझ गए कि ई वाउचर के रूप में भी लेनदेन किया जा सकता है। बाद में चाइना के सरकार ने कुछ शहरों में डिजिटल करेंसी की शुरुआत की। 

भारत डिजीटल पेमेंट के रूप में ई वाउचर यूज करने वाला पहला देश नहीं है बल्कि इससे पहले यूएस ,कोलंबिया, स्वीडन, हांगकांग, जैसे देशों ने स्टूडेंट को study purpose के लिए ई वाउचर प्रदान किया है।

erupee क्या है ?आसान भाषा में समझें

ईरूपी को आसान भाषा में इस तरह से समझा जा सकता है कि ईरुपी एक प्रीपेड वाउचर है अर्थात एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक कूपन जिसमें पहले से एक निश्चित amount डाल दिया जाता है जैसे हम वाउचर के जरिये मोबाइल रिचार्ज करते हैं। तो mobile voucher में पैसा पहले से कोड के रूप में डाला हुआ रहता है। इसलिए मोबाइल वाउचर को प्रोसीड करके रिचार्ज कर लेते हैं। और तुरंत रिचार्ज हो जाता है।

एक प्रकार से कहा जा सकता है कि erupi पैसों का एक डिजीटली फॉर्म ही है। यदि सेवा प्रायोजक किसी व्यक्ति को मदद के लिए अनुदान देता है तो वह सीधे नोट के रूप में पैसे देता है या upi के द्वारा उसके खाते में पैसे भेज देता ( जमा ) है। erupi में सेवा प्रायोजक के पैसों को NPCI , QR कोड या SMS स्ट्रिंग के रूप में डिजीटल फार्म में बदल देता है। ये QR कोड या SMS स्ट्रिंग ( पैसे ) लाभार्थी के खाते में जमा नहीं किया जाता है बल्कि पैसों के डिजीटल कूपन के रूप में मैसेज बॉक्स में भेजा जाता है। सामान्य लेन-देन में भुगतान के लिए नोट ( पैसों ) को हाथों -हाथ दे दिया जाता है और दुकानदार पैसों को अपने ड्रॉव या वॉलेट में रख लेता है। जबकि erupi में लेन-देन के समय भुगतान के लिए पैसों ( e-voucher ) को mobile-to-mobile दिया जाता है तथा सेवा प्रदाता केंद्र या दुकानदार अपने मोबाइल ( खाते ) में रख लेता है या redeem कर लेता है।

साथ ही कुछ बड़े सम्मेलनों में, किसी केन्टीन में पैसों के बदले कागज का कूपन दिया जाता है उसके बाद उस कूपन की कीमत उस केन्टीन में उतनी हो जाती है जितने उस रुपए की, और उस कूपन से आप खाना खाने के बाद पेमेंट कर सकते हैं। यह कूपन उस कैंटीन के लिए ही बनाया गया है अतः यह उस कैंटीन में ही वैलिड होता है किसी और जगह नहीं।

      एक और उदाहरण से ईरूपी को समझने की कोशिश की जा सकती है। जब हम phonepay में कोई ट्रांजैक्शन करते हैं तो हमें कभी-कभी गिफ्ट वाउचर या डिस्काउंट वाउचर दिया जाता है जिसे किसी specific site या specific सामान को खरीदने के लिए उपयोग किया जा सकता है। इस वाउचर को भी एक निश्चित समय के लिए दिया जाता है। दिए गए समय के अंतर्गत अगर इस गिफ्ट वाउचर को use नहीं किया जाता है तो यह गिफ्ट वाउचर expire हो जाता है। इस तरह इन उदाहरणों द्वारा ईरूपी को समझा जा सकता है।

erupi का भविष्य

भारत सरकार ने यूपीआई को 11 अप्रैल 2016 को डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत उस समय लांच किया जब भारत में इंटरनेट यूजर व स्मार्टफोन यूजर्स की उतनी ज्यादा संख्या नहीं थी। शुरुआत में यूपीआई पेमेंट सिस्टम धीमी गति से प्रोग्रेस कर रहा था लेकिन जब इंटरनेट और स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या बढ़ी और लोगों ने देखा कि यूपीआई के द्वारा पेमेंट करना व ट्रांजैक्शन करना आसान है और इससे समय की बचत भी होती है। तो उसके बाद यूपीआई तेजी से पॉपुलर हुआ। 

अभी जुलाई महीने में यूपीआई पर लगभग 300 करोड़ के आसपास ट्रांजैक्शन हुए और जिसका औसत amount छह लाख करोड़ के आसपास है। यूपीआई मुफ्त, विश्वसनीय, सरल पेमेंट प्लेटफार्म है इसलिए यह तेजी से पॉपुलर हुआ। 

        Erupi भी यूपीआई पर आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एक अलग कॉन्सेप्ट है जो एक specific purpose के लिए use किया जाएगा। अभी देश में इंटरनेट और स्मार्टफोन यूजर्स की बहुत बड़ी संख्या है। जैसे ही erupi के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ती जाएगी या erupi के उपयोग के बारे में लोगों में जानकारी बढ़ेगी, erupi के तेजी से पॉपुलर होने की संभावना है।

 ईरूपी का सबसे पहले उपयोग निजी क्षेत्र में कोविड टीकाकरण का भुगतान करने के लिए किया गया है। erupi का पहला उपयोग मुंबई के एक प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर में कोविड-19 टीका लगवाने वाले के द्वारा भुगतान में किया गया।

निष्कर्ष:-

हमने इस पोस्ट में 2 अगस्त 2021 को भारत सरकार द्वारा लांच किये गए erupi डिजिटल पेमेंट सिस्टम के बारे में विस्तृत जानकारी दी है कि eRUPI क्या है(eRUPI kya hai) ? व erupi के फायदे क्या है ? साथ ही हमने इसमें बताया है कि erupi aur upi me kya antar hai ? इस erupi डिजीटल पेमेंट सिस्टम से डिजीटल इंडिया मुहिम को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही erupi को डिजिटल करेंसी के एक पड़ाव के रूप में देखा जा सकता है। हम आशा करते हैं कि आपको यह जानकारी पसंद आयी होगी। अगर यह पोस्ट आपको अच्छा लगे तो coment और share जरुर कीजिए।

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